नौरोजाबाद में रेत माफिया का खेल अब सिर्फ चोरी छिपे नहीं बल्कि खुलेआम सड़कों पर दिखाई देने लगा है छपरी रोड जैन पेट्रोल पंप के पीछे से हर रोज रात के अंधेरे में रेत भरकर ट्रैक्टर निकलते हैं और उनसे हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर की वसूली की जा रही है खुद को महाकाल मिनरल्स का कर्मचारी बताने वाला एक संदिग्ध व्यक्ति यह पूरा काम कर रहा है जो इलाके में खौफ फैलाकर यह कारोबार संचालित कर रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सवाल खनिज विभाग और महाकाल मिनरल्स के रवैये पर उठ रहे हैं एक ओर एनजीटी के आदेशों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं दूसरी ओर खनिज विभाग मौन साधे बैठा है और महाकाल मिनरल्स के नाम का दुरुपयोग होने के बावजूद कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं ना कोई जांच ना कोई खंडन ना कोई कार्रवाई
इलाके में जो व्यक्ति खुद को कंपनी का कर्मचारी बताता है उसका कोई वास्तविक संबंध महाकाल मिनरल्स से है या नहीं यह तो कंपनी के जिम्मेदार ही जाने पर फिर भी वह रेत का अवैध उत्खनन करवाकर रोज मोटी कमाई कर रहा है और खनिज विभाग को इसकी भनक तक नहीं है या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है यह दोहरा रवैया एनजीटी जैसे संस्थान के आदेशों के साथ मजाक ही है।
इस पूरे मामले में एक और नाम तेजी से उभर कर सामने आ रहा है बाजाराम जो पहले ईंट माफिया के रूप में जाना जाता था अब वह खुद रेत माफिया बन चुका है बताया जा रहा है कि नगर के श्मशान घाट की जमीन को खोदकर उसने ईंटें बनाई और अब वही नेटवर्क रेत के कारोबार में लगा है बाजाराम का यह रेत धंधा पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है और वह खुद इस खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।बाजाराम के साथ साथ वरुण,बाला,बमलेश के ट्रैक्टर डेली 8 से 10 ट्रिप का खेल करते है,पूरी डीलिंग माँ काली के बगल के बगल वाले लोकेशन में होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है की बाजाराम ने पहले सरकारी जमीन पर कब्जा कर ईंट का धंधा किया और अब खदानों से बिना अनुमति के रेत निकालकर पूरे क्षेत्र में सप्लाई कर रहा है यह सब कुछ खनिज विभाग की जानकारी में होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
इन सबके बीच एक और चेहरा सामने आता है एक दलाल जो हर रोज सुबह से शाम तक नगर में घूमता है,यह दलाल क्षेत्र के सहाफियों का ठेकेदार बनकर इस रेत गैंग के सामने खुद को प्रस्तुत करता है, और इस पूरे रेत कारोबार की दलाली सहित फरियादी और आरोपियों की दलाली का काम भी खूब कर लेता है, हालांकि इनदिनों फरियादी और आरोपी की दलाली में दाल ज्यादा नही गल रही बस एक सहारे के भरोसे काम चल रहा है।
इस दलाल की वजह से ही यह धंधा इतने आराम से चल रहा है नगर में लोग उसे नाम से जानते हैं लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती क्योंकि वह सबका आदमी बन चुका है।क्योंकि सुबह या शाम को वह नेता जी का आशीर्वाद प्राप्त कर गली गली अपनी महिमा का बखान भी कर ही लेता है।
टीम खाकी का एक नुमाइंदा खुद को क्षेत्र का पुराना जानकार बताकर इस इनके साथ इस रेत के काले खेल में साफ और स्वच्छ छवि के प्रभारी को अंधेरे में रखकर अवैध काम का कर्णधार बना हुआ है। वही कुछ ऐसे है जो करकेली बरही क्षेत्र से बड़ी रकम प्रभारी के नाम पर डकार रहे है।अगर इन कारनामो की जानकारी ऊपर तक चली गई तो या तो जिला छोड़ना पड़ेगा या लाइन में लग जाएंगे।
कांग्रेस नेता अशोक मिश्रा ने भी क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार को लेकर चिंता जताई है और कहा है की जल्द ही इस पूरे मामले की शिकायत कर जांच की मांग की जाएगी ताकि दोषियों पर कार्यवाही हो सके
एनजीटी के आदेशों की सरेआम अवहेलना हो रही है खनिज विभाग और महाकाल मिनरल्स की चुप्पी यह दर्शाती है की या तो वे इस खेल में शामिल हैं या फिर जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं जनता अब जवाब मांग रही है।